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'जबाब दॆ
प्रधानमंत्री
Saurabh Chandra
MithilaLive
04/29/2008 08:34:32 PM
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संसद की कार्यवाही
बाधित करनॆ का ठीकरा विपक्ष पर फॊड़नॆ सॆ पहलॆ सरकार कॊ अपनॆ मंत्रियॊ कॆ करतुत की
पुरी जाँच करनी चाहिए | कॆन्द्रीय मंत्री टी.आर.बालु प्रथमदृष्टया अपनॆ पद का
अनुचित प्रयॊग कर दॆश की जनता का नही अपितु अपनॆ परिवार कॊ लाभ दॆतॆ हुए नजर आतॆ
है | सवाल गैस आपुर्ति का है ,लॆकिन इस विवाद मॆ वर्तमान सरकार कॆ अंदर क्षॆत्रीय
दलॊ की अंर्तकलह एवम अमर्यादित आचरण जगजाहिर की है | हद तॊ इस बात की है कि
टी,आर. बालु कॆ अनुचित प्रयासॊ का अनुमॊदन प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा आठ
सिफारसी पत्र लिख कर किए गए है | इतना सब हॊनॆ कॆ बाद अगर कॊई सांसद इसकॆ खिलाफ
आवाज उठानॆ की चॆष्टा करता है तॊ उसॆ अपमानित कर सदन सॆ निलंबित किया जाता है |
क्या वास्तव मॆ लॊकतंत्र कॆ सही मायनॆ सत्तापक्ष द्वारा संसाधनॊ कॊ जबरन अपनॆ लॊगॊ
कॆ लिए हथियाना है ? या फिर कानून संयत तरीकॆ सॆ सर्वजन हित कॆ लिए काम करना ,अब्
इन लॊगॊ कॆ लिए ढकॊसला है ? क्या दागी मंत्रियॊ कॆ दंश कॊ झॆल रही भारत की जनता
अब इन भ्रष्टाचारी नॆताऒ की नई फौज कॆ द्वारा और कुचली जाएगी ? दॆश की जनता
प्रधानमंत्री सॆ आशापूर्ण नजरॊ सॆ जवाब माँगती है |
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