|
|
ज्ञान का भंडार है संस्कृत : विजय | 11/03/2007 12:13:42 PM +0530
|
मधुबनी। संस्कृत को विश्व की
सर्वश्रेष्ठ भाषा बताते हुए एडीएम विजय कुमार झा ने कहा कि यह ज्ञान का भंडार
है। वे रविवार को स्थानीय संस्कृत स्कूल में वैदेही कला परिषद के तत्वावधान में
आयोजित संस्कृत समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने संस्कृत में बोलते हुए कहा कि वेद क्लिष्ट जरूर है पर व्यावहारिक भी
है। इस मौके पर पूर्व जिला परिषद अध्यक्ष सतीश चंद्र मिश्र ने कहा कि संस्कृत
वैज्ञानिक भाषा है और इसके संरक्षण व संवर्द्धन की आवश्यकता है। रहिका प्रखंड
के पूर्व प्रमुख समशुल हक ने संस्कृत व मैथिली भाषा के विकास के प्रति संकल्प
जताया। उनके पुत्र ने संस्कृत में भाषण कर सबको चमत्कृत कर दिया। कांग्रेस नेता
ज्योति रमण झा ने संस्कृत के व्यवहार में कमी के कारणों को रेखांकित किया। प्रो.
जगन्नाथ झा, सृष्टिनंदन झा, पृूर्व न्यायाधीश एस.एन. झा व एन.के. लाल, जीवछ झा,
इजहार अहमद आदि ने भी विचार रखे। सच्चिदानंद झा की अध्यक्षता में संपन्न
कार्यक्रम में परिषद के सचिव भोलानंद झा ने संस्था के क्रिया-कलापों को सभी के
सामाने रखते हुए इसे कला, संस्कृति व संस्कृत, मैथिली भाषा के विकास के लिए
प्रतिबद्ध बताया। विनोदानंद झा व सृष्टिनंदन झा के वेद पाठ के साथ ही कौशल
कुमार, शंकर कुमार तथा अजीत कुमार के मंगलाचरण व स्वागत गान से आरंभ समारोह में
'संस्कृत भाषाया: महत्वं' विषय पर वर्ग 6 से 10 तक के बच्चों के बीच भाषण
प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें शहर के आधा दर्जन विद्यालयों के
छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। इसमें गौरव कुमार को प्रथम, सौरभ कुमार को
द्वितीय तथा गौतम कुमार, राजलक्ष्मी, शशि शंकर व तारिक अनवर को तृतीय घोषित किया
गया। इस मौके पर उदय शंकर मिश्र तथा बाल कलाकार सर्वश्रेष्ठ मिश्र के गायन से
वातावरण मनोहारी हो उठा।
जागरण मधुबनी
इस खबर पर अपनी राय
दॆ | अपनी
जानकारी कॆ समाचार भॆंजॆ
हमॆ अपनॆ सुझाव
भॆंजॆ |
मित्र कॊ बतायॆ
| खबरॊ कॆ मुख्य प्रिष्ट पर जायॆं
| मॆरा मिथिला - मॆरी आबाज |
|