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सच्ची
मिहनत से मिलती है सफलता |
11/03/2007 12:14:23 PM +0530
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विभूतिपुर (समस्तीपुर)। सच्ची मिहनत से
प्रतियोगी को मिलती है सफलता। यह कहना है पहले ही प्रयास में 46वीं बीपीएससी की
परीक्षा में सफल हुए गोपाल कुमार की। उन्हें जिला समादेष्टा के पद के लिये चुना
गया है। समस्तीपुर जिले के नरहन बाजार के गोपाल कुमार उपडाकपाल गजेन्द्र राम के
पुत्र हैं। उन्होंने यह सफलता इतिहास और दर्शन शास्त्र को विषय के रूप में लेकर
पायी है।
'होनहार विरवान के होत चिकने पात' मुहावरे को चरितार्थ करते गोपाल कुमार ने दशम
वर्ग की परीक्षा नवोदय विद्यालय करीमनगर आंध्र प्रदेश से 63.4 प्रतिशत अंक
प्राप्त कर पास की। इतिहास विषय को लेकर पटना कालेज से स्नातक की परीक्षा में
60.5 प्रतिशत अंक लेकर सफलता पायी। फिर इसी विषय को लेकर स्नातकोत्तर की परीक्षा
पटना विश्वविद्यालय से 62.9 प्रतिशत अंक लेकर सफलता पायी। उक्त परीक्षा में
सफलता मिलने के बाद उन्होंने यूजीसी द्वारा संचालित जेआरएफ की परीक्षा पास की
संप्रति वे पीएचडी करने में जुटे थे। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के बल पर
उन्होंने उक्त परीक्षा में सफलता पायी। किसी कोचिंग का सहारा नहीं लिया। दैनिक
जागरण और प्रतियोगिता दर्पण से उन्हें ज्ञान वर्द्धन में काफी सहायता मिली।
उन्होंने बताया कि पिता एवं परिवार उनके लिये प्रेरणा श्रोत है। दादा शिवलाल
राम सेवानिवृत्त शिक्षक हैं। माता गायत्री देवी धर्मपरायण एवं कुशल गृहिणी हैं।
एक भाई अनिल कुमार एलआईसी से जुड़ा है। छोटा भाई नवल बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय
में पीएचडी कर रहा है। गोपाल कुमार ने बताया कि अब उनकी नजर यूपीएससी पर है।
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