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| मिथिलालाइव समाचार |
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विद्यालय सॆ अनुस्थित रहनॆ वालॆ शिक्षक पर गिरॆगी गाज | 11/03/2007 12:14:28 PM +0530 |
दरभंगा। नवनियुक्त शिक्षकों का बिना कारण
विद्यालय से अनुपस्थित रहना महंगा पड़ सकता है। एक सप्ताह से अधिक समय तक
अनुपस्थित पाये जाने पर वेतन रोकने के साथ ही उनकी सेवा भी समाप्त की जा सकती
है। राज्य के मानव संसाधन विकास विभाग के प्राथमिक शिक्षा निदेशक अशोक कुमार
सिंह ने अपने पत्रांक 1374 के माध्यम से तत्संबंधी दिशा-निर्देश जिला शिक्षा
अधीक्षकों को देते हुए इस पर कठोरता से अमल करने को कहा है। जानकारी के अनुसार
लगातार अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा
समिति व पंचायती राज व्यवस्था की अनुशंसा आवश्यक होगी। दोनों ही संस्था अधिकृत
पदाधिकारी से कार्रवाई की संस्तुति करेगी। पदाधिकारी द्वारा इस पर यथोचित आदेश
जारी किया जाएगा। नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन भुगतान में कोई समस्या नहीं हो इस
हेतु नियोजन इकाईयों को बैंकों में अलग-अलग खाता खोलने को कहा गया है। जिला में
एक मुख्य खाता होगा जिसमें वेतन मद में राज्य सरकार से प्राप्त राशि जमा होगी।
यहां से नियोजन की तीनों इकाईयों के खाते में राशि जाएगी। प्रत्येक माह की पहली
तारीख को शिक्षकों के खाते में पैसा चला जाएगा। प्रखंडों में पैसा भुगतान कराने
संबंधी प्रक्रिया का निर्देशन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी व पंचायतों में
पंचायत सचिव करेंगे। प्रखंडों में तो वेतन भुगतान के लिए एक मुस्त राशि जारी भी
कर दी गयी है। बीईईओ से कहा गया है कि शिक्षकों के खाते की संपुष्टि विद्यालय व
नियोजन इकाई से कराने के बाद ही नियोजन की तिथि से वेतन मद की राशि उनके खाते
में जमा करायी जाए। इसी तरह पंचायत सचिवों को भी अलग खाता खोलने समेत तत्संबंधी
निर्देश दिया गया है। तीनों इकाईयों को शिक्षक वेतन भुगतान से पूर्व संबंधित
पंचायती राज व्यवस्था से अनुमोदन कराया जाना अनिवार्य कर दिया गया है। विभाग ने
तीनों नियोजन इकाईयों के बैंक खातों का नामकरण भी कर दिया है। इनका नाम 'प्रारंभिक
नगर शिक्षक वेतन भुगतान', 'प्रारंभिक प्रखंड शिक्षक वेतन भुगतान' तथा 'प्रारंभिक
पंचायत शिक्षक वेतन भुगतान' रखा गया है। उधर जिला शिक्षा अधीक्षक रविंद्र नाथ
पांडेय ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में नियोजित नवनियुक्त शिक्षकों के वेतन
भुगतान के लिए देना बैंक में खाता खोल दिया गया है। साथ ही खाता संख्या उपलब्ध
कराने वाले 70-80 प्रतिशत शिक्षकों के खाते में नियोजन की तिथि से वेतन मद की
राशि भी हस्तांतरित कर दी गयी है। श्री पांडेय ने कहा कि वेतन भुगतान में पूर्ण
पारदर्शिता बरती जाएगी। सरकार यह कोशिश कर रही है कि वेतन भुगतान में शिक्षकों
को कम से कम परेशानी हो।
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